How to Buy First Stocks for Beginner in India

How to Buy First Stocks for Beginner in India

दोस्तों ये साल 2006 2007 की बात है। मेरे मामा उस टाइम पे एक बिज़नेस करते थे और उनके कुछ एंप्लॉयीज भी थे तो उनके पास थोड़ा सा फ्री टाइम रहता था और पैसे भी, जिससे उन्हें कहीं पे इन्वेस्ट करने दे तो तभी उनकी मुलाकात एक आदमी से हुई जिसने बहुत ही जल्द पता लगा लिया कि मेरे मामा के पास बहुत सारे पैसे और टाइम है जो उन्हें कहीं पे इन्वेस्ट करना हैं। अभी ये आदमी एक सब ब्रोकर था।

मतलब लोगों को डीमैट अकाउंट्स ओपन करने में हेल्प करता था और उसके बदले जीतने भी लोग ट्रेडिग करते थे तो उस से उस आदमी को फायदा होता था। मतलब जीतने भी लोगों ने उस आदमी के थ्रू डीमेट अकाउंट ओपन किया था। फिर वो लोग जितना भी ट्रेनिंग करके ब्रोकरेज फी पे करते थे तो उस आदमी को उस ब्रोकरेज फी का एक हिस्सा मिलता था।

तो मेरे मामा भी उस आदमी के कस्टमर बन गए लेकिन प्रॉब्लम ये थी कि उनको पता नहीं था कि उन्हें कौन से स्टॉक्स खरीदने और बेचने क्योंकि वो स्टॉक मार्केट में नये थे तो इसीलिए उन्होंने अपने सब ब्रोकर फ्रेंड से ही टिप्स लेना शुरू कर दी और उस टाइम पे फ्लैट 10 या ₹20 वाला ब्रोकरेज सिस्टम नहीं था, जो आज कल डिस्काउंट ब्रोकर्स में होता है।

तभी ब्रोकरेज 1% बेसिस पर होती थी। जैसे आपके टोटल ट्रान्ज़ैक्शन अमाउंट की 1%  या 2% मतलब अगर आप बड़े अमाउंट से ट्रेड करते हो तो आपको ज्यादा ब्रोकरेज देना पड़ता था। जैसे अगर आपने ₹1,00,000 के शेयर्स लिए तो आपको ₹1000 ब्रोकरेज फीस के हिसाब से देना होगा

और कुछ दिनों बाद अगर आपका पोर्टफोलियों 10% ऊपर जाता है और आप ₹1,10,000 के स्टॉक्स सेल करना चाहते हो तो उसपे भी आपको 1% का ब्रोकरेज लगता है, जो ₹1100 का होता है। मतलब एक ही बाइ पर सेल ट्रान्ज़ैक्शन में आपने ऑलमोस्ट ₹2000 ब्रोकरेज फीस में दे दिए, तो लोगों को इससे इतनी प्रॉब्लम होती नहीं थी,

क्योंकि अगर आप ₹9000 का प्रॉफिट कमा रहे हो तो ये ₹2000 एक छोटी सी कीमत है और क्योंकि उस टाइम पे मार्केट काफी स्पीड में ऊपर जा रहा था तो इसीलिए धीरे धीरे करके मेरे मामा ने बड़े बड़े अमाउंट से ट्रीट करना शुरू कर दिया और उनको अच्छा प्रॉफिट भी मिल रहा था।

लेकिन फिर आया 2007 की एंड में एक मार्केट क्रैश और इस क्रैश में सभी शॉर्ट टर्म इनवेस्टर्स और ट्रेडर्स का लॉस हुआ। मेरे मामा ने भी अच्छे खासे पैसे लोस किये और उस लॉस की वजह से उन्होंने स्टॉक मार्केट पूरी तरह हमेशा के लिए छोड दिया।

अब दोस्तों ये एक रियल स्टोरी है जीसको मैं एक दम डिटेल में किसी और दिन डिस्कस करूँगा, लेकिन ऐसी कोई ना कोई रियल लाइफ स्टोरी हम सभी ने अपने घरों मैं अपने फ्रेंड सर्कल में जरूर सुनी होगी कि कैसे लोगों ने स्टॉक मार्केट में अपनी काफी सारी सेविंग लूस की है और शायद यही वजह से हमारे पैरेंन्स से हमारे घर के बड़े हमें स्टॉक्स में इन्वेस्ट करने के लिए मना कर दे।

Educate to your self

तो इसीलिए दोस्तों स्टॉक मार्केट में एंटर करने के लिए हमें नॉलेज पेशेंट्स और पैसा तो चाहिए होता ही है लेकिन ये सब चीज़े सेकन्डरी है यहाँ पे सबसे इम्पोर्टेन्ट आपको एक राइड, माइंड सेट और एक राइड गाइडेंस चाहिए होता है जो आज आपको इस ब्लॉग से मिलेगा।

अब दोस्तों अगर आप मेरे ब्लॉग रेग्युलरली पढ़ते हो तो आपको एक से पहले ही मिल गया होगा की मेजोरिटी लोग यहाँ पे ऐक्चुअल वेल्थ लॉन्ग टर्म इनवेस्टिंग से क्रिएट कर सकते हैं। ट्रेनिंग से भी वेल्थ क्रिएट होती है, लेकिन उसमें काफी ज्यादा मेहनत और काफी ज्यादा एक्सपिरियंस लगता है जो हर किसी के लिए पॉसिबल नहीं है। तो अब हम कुछ प्रैक्टिकल स्टेप्स डिस्कस करेंगे।

क्या आपको अपना पहला स्टॉक कैसे खरीदना चाहिए और उसकी आपको रिसर्च कैसे करनी चाहिए? ये कुछ ऐसी चीजें हैं जो काश मुझे 10 या 15 साल पहले अपनी इन्वेस्टमेंट जर्नी के स्टार्ट में पता होती तो उससे मेरी जर्नी काफी आसान हो जाती तो इसी लिए ब्लॉग को इन्ड तक जरूर देखना क्योंकि यह ब्लॉग आपके लिए बहुत  ही वैल्यूएबल होने वाला है। इस बात की मेरी गैरन्टी है

Open Demat Account :-

दोस्तों जैसे हमे एक जगह से दूसरी जगह पे जाने के लिए कोई ट्रांसपोर्ट वेहिकल की जरूरत होती है। वैसे ही आपको पैसों को अपने बैंक अकाउंट से स्टॉक्स में इन्वेस्ट करने के लिए एक मीडियम की जरूरत होती है।

वो मीडियम का नाम है डीमैट अकाउंट या एक स्टॉक ब्रोकर। आज कल डीमैट अकाउंट खोलने का पूरा प्रोसेसर आप ऑनलाइन कर सकते हो। मार्केट में कई सारे ब्रोकर्स है जो बहुत ही कम फीस लेकर डिमांड अकाउंट ओपन कर लेते तो ऐसा बिगिनर्स आप कोई ऐसा ब्रोकर चूज करो, जो पुराना हो और जिसमें फीस सबसे कम हो,

जैसे ANGEL ब्रोकिंग के साथ आप फ्री में अकाउंट ओपन भी कर सकते हो क्योंकि यहाँ पे कोई भी Join फीस नहीं है और क्योंकि एक डिस्काउंट ब्रोकर है तो इसमें आपको स्टॉक्स को बाइक करते समय कुछ भी ब्रोकरेज फीस नहीं लगती है। सिर्फ सेल करते हुए

आपको यहाँ पे ज्यादा से ज्यादा ₹20 की ब्रोकरेज फीस लगती है। तो बेसिकली आपको यहाँ पे ब्रोकरेज की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। तो ज्यादा टाइम और फोकस आपको स्टॉक्स सिलेक्शन पे और उसकी रिसर्च में लगाना चाहिए ना की कौन सा ब्रोकर अच्छा है।

मेरा अकाउंट भी ANGEL ब्रोकिंग के साथ है क्योंकि ये 25 साल पुरानी कंपनी है और काफी रीप्यूटिड भी है। तो अगर आपको इनके साथ अकाउंट ओपन करना है तो उसकी लिंक आपको नीचे डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगी। आप वहाँ जाके फ्री में अपना अकाउंट ओपन कर सकते हो।

आप डीमैट अकाउंट ओपन हो जाने के बाद आपको अपने फाइनैंशल एक्सपेक्टेशन्स को अपने फ़्यूचर प्लैन के साथ लाइन करना है। मतलब आपको ये डिसाइड करना है कि आप किस तरह के स्टॉक मार्केट पोर्टफोलियों बनना चाहते हो।

Gambling Entertainment Or Investing :-

आप लोग मुझे खुद बताओ की ऐसी स्टोरीज़ के स्टॉक मार्केट से लोग हमेशा लॉस लेते रहते हैं। ये इतनी कॉमन क्यों है? क्योंकि आधे लोग स्टॉक मार्केट से बहुत ही कम टाइम में बहुत सारे पैसे कमाना चाहते हैं।

उन्हें अपने दोस्तों से या सोशल मीडिया पे सुनने मिलता है की देखो आज मैंने एक ही दिन में इतने लाखों रुपए कमा लिए। आप लोग भी बहुत आसानी से कर सकते हो तो ऐसी हॉट टिप्स फॉलो करने वाले लोग जल्दी प्रॉफिट कमाने के चक्कर में वो जल्दी स्टॉक मार्केट से गिव अप कर देते और ये स्टॉक मार्केट के पूरे पोटेंशिअल को डिस् कवर कर ही नहीं। पातें और बाकी लोग यहाँ पे एंटरटेनमेंट के लिए आते हैं। जीस तरह लोग गैंबलिंग करते हैं

तो इसीलिए आप अपने आपसे एक सवाल पूछो कि क्या आपको यहाँ पे एन्टरटेनमेन्ट के लिए आना है? ये आपको यहाँ पे 21 दिन में पैसे डबल करने या आपको यहाँ पे जल्दी फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए प्रिपेर करना है। अगर आपको ये तीनो चीज़ एक साथ करनी है तो उसमें कोई बुरी बात नहीं है।

आप उसके लिए मल्टिपल डिमेट अकाउंट्स ओपन करलो जैसे मैंने की है। एक डीमैट अकाउंट से मैंने लार्ज कैप के सेफ स्टॉक्स में इन्वेस्ट किया है, जिनमें मेजोरिटी कॉन्स्टेंट कंपाउंडर स्टॉक्स है और इन्वेस्ट करके मैंने उस ऐप को अनइंस्टॉल कर दिया है। एक कॉफी कैन पोर्टफोलियों की तरह। फिर दूसरे अकाउंट से मैं फिलहाल स्मॉलकैप और हिडन कंपनी में इन्वेस्ट कर रहा हूँ।

क्योंकि फिलहाल स्मॉलकैप स्टॉक्स काफी अच्छे वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं, जिसमें काफी ज्यादा रिसर्च और स्टडी लग रही है। और फिर तीसरे अकाउंट से एक बहुत ही छोटे अमाउंट से मैं शोर्ट टर्म के लिए टाइम पास करता रहता हूँ, तो ये सब आपको पहले ही डिसाइड करना है।

उसके बाद ही हम कंपनी की तरफ बढ़ेंगे क्योंकि गूगल मैप में आपको सबसे पहले एक डेस्टिनेशन एंटर करना होता है। क्या आपको कहा जाना है तभी आपको वहाँ का रास्ता दिखता है? तो अगर आपके पास कोई डेस्टिनेशन है ही नहीं तो आप रास्ता कैसे डिसाइड करोगे ?

तो इसीलिए अगर आप अभी अपनी 20 की उमर में हो और आपको आने वाले कुछ सालों में पैसों की जरूरत नहीं पड़ने वाली है, आपको बस अपनी सेविंग्स को अच्छी जगह इन्वेस्ट करना हैं।

Start your Investing Journey :-

जिससे आप वेल्थ क्रिएट करना चाहते हो, तो उसके लिए हम अभी नेक्स्ट आपकी तरफ जाते हैं। तो ऐसा बिगनर अगर आपको कोई स्टॉक मार्केट के गुरु से या कहीं से आपको कोई हाइटेक केमिकल इंडस्ट्री या हेवी मेटल इंडस्ट्री के स्टॉक की टिप मिलती है, जिसके बारे में आपको कुछ भी पता नहीं

है तो वैसे स्टॉक्स आपको हमेशा अवॉयड करना चाहिए, क्योंकि शुरुआत में ना आपको स्टॉक मार्केट के बारे में ज्यादा पता होता है, ना उस स्टॉक के बारे में और ना ही उस इंडस्ट्री के बारे में।

तो वैसे स्टॉक्स में इन्वेस्ट करके आप सिर्फ अपना पैसा खो दोगे क्योंकि अगर आपको प्रॉफिट मिल भी गया तो आप उसे ज्यादा टाइम तक कन्टिन्यूसली कमा नहीं पाओगे।

आप उस टिप देने वाले गुरु के ऊपर डिपेंडेंट रहोगे और अगर आपका लॉस होता है तो आपको कुछ सीखने मिलेगा, नहीं तो इसीलिए आपको हमेशा अपनी खुद की रिसर्च से ये स्टॉक ढूंढना चाहिए।

अब अगर हम ये बात 10 या 20 साल पहले ही कर रहे होते तो आपको कंपनी का डेटा फाइन्ड आउट करने के लिए काफी सारे न्यूज़ पेपर्स फाइनैंस मैगज़ीन्स कंपनी की ऐनुअल रिपोर्ट को पढ़कर ऐनालाइज करना होता,

जिसके लिए आपको शायद ब्रोकर के ऑफिस या कंपनी के ऑफिस में जाना पड़ता। लेकिन अभी आपको इतनी सारी जगह जाने की जरूरत नहीं है। आप इन्टरनेट पे ही घर बैठे बैठे मिनटों में कंपनी का सारा डेटा काफी आसानी से ऐनालिस कर सकते हो तो

Choosing Right Industry:-

दोस्तों शुरुआत में हमें किसी भी स्टॉक को पिक करने से पहले एक इंडस्ट्री को पिक करना होता है क्योंकि अगर आप डाइरेक्टली स्टॉक मार्केट से ऐसे ही कंपनी ढूंढोगे तो ये काफी डिफिकल्ट लगेगा क्योंकि हमारे पास ऑलमोस्ट 4500 कंपनीस है तो उसको सिंप्लिफाइ करने के लिए हम एक सेक्टर को पिक करते है ।

तो वो सेक्टर ऐसा होना चाहिए जिसके बारे में हमें पहले से ही नॉलेज हो, क्योंकि बहुत सारे लेजेंडरी इन्वेस्टर्स भी यही कहते हैं कि स्टॉक मार्केट से वेल्थ क्रिएट करने के लिए आपको कोई हिडन स्टॉक्स ढूंढने की जरूरत नहीं है।

जैसे पीटर लिंच भी यही कह दें कि नॉर्मल लोगों के पास स्टॉक मार्केट के एक्स्पर्ट और एक्स्पिरेड फंड मैनेजर्स के मुकाबले एक पॉवरफुल एडवांटेज होता है। क्यों बहुत सारे प्रोडक्ट्स रोज़ अपनी लाइफ में यूज़ करते हैं और उनको इंडस्ट्री की अच्छी नॉलेज होती है?

सबसे पहले ये Consumer सेक्टर आता है :- जिसमें ये सब कंपनीस होती है। अब इसका मतलब ये होता है की ये कंपनी ऐसे प्रोडक्ट्स सेल करती है। जिसकी हमे एकदम ज्यादा जरूरत नहीं है। जैसे कार, साइकल, टूर्स एंड ट्रैवल्स और फैशन वाली कम्पनीज़।

तो इस इंडस्ट्री की खास बात ये है की जब इकोनॉमी बुरे टाइम से गुजरती है तो इनकी प्रॉफिटेबिलिटी बहुत ही बुरी तरह इम्पैक्ट होती है। काफी बार इनको बहुत बड़े बड़े लॉस भी मिल जाते जैसे लॉकडाउन के टाइम होटेल और ट्रैवल इंडस्ट्री पूरी तरह बंद हो गयी थी।

तो वैसे टाइम पे आप इस कंपनी में इन्वेस्ट कर सकते हो क्योंकि अच्छी बात ये है की जब इकोनॉमिक ग्रोथ करती है जैसे ऑन ऐवरेज अगर 10 साल के पीरियड में दो 3 साल होते तो पांच 6 साल भी होते तो ये कंपनी वो टाइम पे बहुत ज्यादा स्पीड में प्रॉफिट कमाती हैं और इनका स्टॉक प्राइस बहुत ही स्पीड में ग्रो होता है।

दूसरा सेक्टर है :- टेलीकॉम, जो ऑलमोस्ट पूरा डिक्लाइन फेस में, क्योंकि इंटरनेट की वजह से ये पूरी इंडस्ट्री एक डिफिकल्ट दौर से गुजर रही हैं और इनमें से बहुत सारी कंपनीज बंद भी हो सकती है। जैसे पब्लिशिंग इंडस्ट्री में आप देखोगे तो ये सब न्यूज़ पेपर और मैगजीन की कम्पनीज़ है। लेकिन आज कल लोग न्यूस पेपर नहीं पढ़ रहे हैं।

फिर टीवी चैनल्स को भी लॉस हो रहा है क्योंकि आज कल हम टी वी कम देख रहे हैं और मोबाइल पे यूट्यूब और सोशल मीडिया पर ज्यादा टाइम स्पेंड कर रहे हैं तो इस सेक्टर को हम पूरी तरह अवॉइड कर सकते क्योंकि यूएस की कंपनी जैसे फेसबुक, नेटफ्लिक्स, गूगल ये सब कम्पनीज़ इनका बिज़नेस ले रही है।

फिर तीसरा सेक्टर है :- कंज़्यूमर स्टेपल्स यानी बेसिक नेसेसिटी के प्रोडक्ट्स। सेल करने वाली कम्पनीज़ तो यहाँ पे हम नॉर्मल मिडल क्लास लोगों के पास ऐडवांटेज होता है, क्योंकि अब इन कम्पनीज़ का आप नाम देखो हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, डाबर, नेस्ले ये सब कंपनी के नाम आपने काफी बार सुने होंगे और शायद आज ही आपने इनके प्रोडक्ट्स को यूज़ भी किया होगा तो इसीलिए आपको ऐसी कंपनी पिक करो जिसके बारे में आपको पहले से ही अच्छे से पता हो ।

Stock Analysis in Simple Language :-

तो यहाँ पे मैं रैंडमली कंपनी जैसे मेरे को पिक कर लेता हूँ और इस ब्लॉग के जरिये मैं कोई स्टॉक या उनकी टिप्पणी दे रहा हूँ बल्कि ये सिर्फ एजुकेशन पर्पस के लिए

Marico Share Price Chart Long Term
Marico Share Price Chart Long Term

अब ये कंपनी का नाम आपने शायद कभी सुना नहीं होगा, लेकिन इसके प्रोडक्ट्स और बैंड का नाम अपने पक्का सुना होगा जैसे पैराशूट है रौल लिवॉन, हेयर सीरम और सफोला एडिबल ऑइल।

अब इस कंपनी ने साल 2000 से लेकर अभी तक 13,000% का रिटर्न दिया है। मतलब अगर आपने 2000 मैं इस कंपनी में सिर्फ ₹1,00,000 इन्वेस्ट किया होता तो आज की तारीख में आपके पास ₹1.2,00,00,000 होते और ये सिर्फ कैपिटल ग्रोथ है।

आपको ऐसा लॉन्ग टर्म इनवेस्टर डिविडेंड भी मिलता है तो अगर हम इस का डिविडेंड यील्ड देखेंगे तो आप देख सकते हैं। ये ऑलमोस्ट 2% का है। तो 1.2,00,00,000 का। अगर आपको 2% का डिविडेंड मिलता है

तो ये 2.4,00,000 का डिविडेंड हुआ तो जीस तरह। रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करने वालों को रेंटल इनकम मिलती है तो स्टॉक्स में इन्वेस्ट करने वालों को डिविडेंड इनकम मिलती है। तो दोस्तों आप ही खुद देख सकते हो कि स्टॉक मार्केट से वेल्थ क्रिएट करने के लिए आपको कोई हिडन स्टॉक या हाइटेक कम्पनीज़ ढूंढने की जरूरत नहीं है।

इन्फैक्ट वो ऐसा करने से आप और ज्यादा रिस्क लेते हो क्योंकि अगर आप ये पैराशूट ऑइल यूज़ करना बंद कर दोगे तो सबसे पहले आपको इसके बारे में खुद ही पता चलेगा।

ऐसा कस्टमर जब आप D Mart में जाओगे या शॉपिंग करने जाओगे तो दुकानदार आपको पहले ही बोले गा ये लोग आजकल एक नयी टाइप का ऑइल यूज़ कर रहे हैं।

आपको भी ट्राई करना चाहिए और फिर उसके बाद आप जो दूसरा प्रॉडक्ट यूज़ करोगे तो फिर आप उसकी रिसर्च कर सकते हो। लेकिन फिलहाल यह कंपनी हेयर ऑइल सेक्टर को अभी भी डोमिनेट कर रही है।

तो इसीलिए अब next Step अब ये आता है की हम इसके फाइनैंशल डेटा को समझें। इसके लिए आपको फाइनैंस बैकग्राउंड से होने की जरूरत नहीं है।

बस थोड़ी सी लॉजिक के साथ आपको इसके नंबर्स को ऐनालाइज करना है तो अब तक हम इसका मार्केट प्राइस देख रहे थे। लेकिन अब हम इसके अंदर के नंबर्स को देखते हैं,

जिसकी वजह से वो स्टॉक का प्राइस ऐक्चुअली में ग्रो होता है। तो अगर हम इस फाइनैंशल के सेक्शन में जाएंगे तो आपको एकदम ओर डेटा दिखेगा।

तो इस कंपनी का रेवेन्यू यानी सेल्स 2018 में 5,170. क्रोर्स के आसपास था और वहाँ से कॉन्स्टेंट लीग रू होते हुए आज ये रेवेन्यू 10,000 करोड़ के ऊपर है और इसी तरह इनका इनकम भी 2018 में 5,73,00,00,000 से ग्रो ओके?

अभी ये 1200 करोड़ के ऊपर हो चुका है और तो और इनका रेवेन्यू पिछले पांच सालों में 12% के रेट से ग्रो हुआ है, जबकि इंडस्ट्री से 1.4% के रेट से ग्रो हुई है तो ये बहुत ही अच्छा सिग्नल है। फ्रेंड का मार्केट शेयर पिछले पांच सालों में 16% से 23% में ग्रो हो गया है।

   Balance Sheet Details

मतलब इंडस्ट्री में जीतने भी सिमिलर प्रोडक्ट्स है। उनमें से 23% हिस्सा मैरिको का है। तो ये भी एक बहुत अच्छा सिग्नल है। फिर इन का नेट प्रॉफिट भी इन्डस्ट्री से काफी अच्छे रेट से ग्रो हो रहा है।

फिर अगर हम इस होल्डिंग के सेक्शन में जाएंगे तो हम देख सकते हैं की ये कंपनी के प्रोमोटर्स यानी कंपनी के मालिक 59% इस कंपनी को ऑन करते और ये भी एक बहुत अच्छा सिग्नल है और अगर हम इस कंपनी का Debt टू इक्विटी रेशियो देखेंगे तो ये 14% का है।

तो यूश़ूअली जब कम्पनीज़ ज्यादा लोन ले लेती है तो उनके बैंकरप्ट होने के चान्सेस बढ़ जाती है क्योंकि वो प्रॉफिट कमाया ना कमाए लेकिन उन्हें इंट्रेस्ट पेमेंट तो करना ही पड़ता है। तो इसीलिए अगर कोई कंपनी का 33% से ज्यादा डेट इक्विटी रेश्यो होता है तो वो एक बुरा सिग्नल होता है।

लेकिन यहाँ पे इनका Debt कंट्रोल में तो इस समय ये चीज़ पता चलती है की इनके बैंककरप्ट होने की चान्सेस बहुत कम है। तो ऐसा बिगनर इन्वेस्टर आप को इनसब डेटा पे फोकस करना चाहिए ना कि स्टॉक प्राइस पे।

क्योंकि बहुत सारे लोग रोज़ सुबह 9:15 बजे अपने ब्रोकिंग ऐप पे लॉगिन करके सिर्फ ये देखते हैं कि उनका स्टॉक कितना ऊपर गया और उनके पोर्टफोलियों की वैल्यू कितनी हुई।

लेकिन वो सब ट्रैक करने से आपको कुछ मिलेगा नहीं बल्कि ऐक्चुअली मैं आपको ये कंपनी की अर्निंग ज़, उनका मार्केट शेर, उनके कॉंपिटिटर्स की अर्निंग को ट्रैक करना चाहिए कि कौन ज्यादा अच्छा परफॉर्म कर रहा है, क्योंकि शॉर्ट टर्म में कंपनी के शेयर प्राइस एकदम रैन्डम भी फ्लक्चूएट होते।

कभी अच्छी न्यूज़ आती है तो वो दो 4% ऊपर जाएगा या कभी बैड न्यूज़ आ गयी तो वो नीचे चले जाएगा। लेकिन यह कंपनी की अर्निंग फंडामेंटल फैक्टर्स होते हैं, जो किसी की इमोशन के बेसिस पर नहीं बल्कि ऐक्चुअल कंपनी के परफॉर्मेंस के बेसिस पर होते। तो इसीलिए शेयर प्राइस को आप एक कंपनी के शैडो की तरह समझ लो। शैडो हमेशा एक मेन ऑब्जेक्ट को फॉलो करता है तो उसी तरह ये शेयर प्राइस कंपनी की अर्निंग्स को फॉलो करता है। अगर अर्निंग्स ग्रोथ होगी तो शेयर प्राइस ऑटोमैटिकली ग्रो होगा। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि ?

How To Make Good Stock Portfolio:-

हम अपने पैसों में से कितना हिस्सा एक स्टॉक में इन्वेस्ट करें? कितने स्टॉक्स का हमें एक पोर्टफोलियों बनाना चाहिए। तो इसका सिंपल आन्सर ये क्या पैसे बिगनर अपना फोकस वेल्थ बिल्डिंग की तरफ रखो, जिसका मतलब ये क्या ? आपको अपने शुरू के  ₹10,000 या ₹20,000, 17,810 कम्पनीज़ या उससे ज्यादा कंपनीस में इन्वेस्ट करने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप खुद सोचो जीतने भी बिज़नेस मैन अमीर होते तो वो हमेशा कोई एक बिज़नेस से ही अमीर बनते। फिर वो काफी सालों के बाद दूसरे बिज़नेस में इन्वेस्ट करके डाइवर्सिफाइ करते क्योंकि डाइवर्सिफिकेशन से आपकी वेल्थ प्रोटेक्ट होती है, लेकिन ज्यादा स्पीड में ग्रो नहीं होती है।

तो जब आप इन्वेस्टिंग शुरू करते हो तो स्टार्टिंग के एक 2 साल तक आप मैक्सिमम तीन से पांच कंपनीज में पूरी रिसर्च करके इन्वेस्ट करो। उसके साथ में आप अपने इन्वेस्टमेंट के गेम को थोड़ा इम्प्रूव करो, जैसे आप कम्पनीज़ की हिस्टरी पढ़ो। अगर आपकी कंपनी कोई न्यूस में आती है तो उसे फॉलो करो। आपकी कंपनी के नए मार्केटिंग कैंपेन्स या कोई नए प्रॉडक्ट लॉन्च पर नजर रखो। फिर कंपनी की ऐनुअल रिपोर्ट पढ़ो, क्योंकि इसमें बहुत सारे सेक्शन होते हैं जो प्लेन इंग्लिश में लेके जाते जिसमें मैनेजमेंट हम शेयर होल्डर से बात करते हैं कि वो अगले कुछ सालों में कंपनी को कहा देख रहे हैं

तो इसीलिए फाइनली मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा की आप चाहे कितने भी विडिओ देख लो, किताबें पढ़ लो या कितनी भी हॉट मल्टीबैगर स्टॉक टिप्स ले लो। लेकिन किसी भी सक्सेसफुल इन्वेस्टर की एक ही पहचान होती है की वो तब ग्रीडी होता है जब पूरी दुनिया फिर फुल होती है और जब पूरी दुनिया और नए नए इन्वेस्टर्स ग्रीडी होते तो वो चुपचाप फुल होकर next मार्केट करेक्शन का वेट करता है और कैश जमा करता है। तो ऐसी अच्छी रिसर्च करने से ही आप अपनी कंपनी को अंदर से बाहर तक अच्छे से पहचान लोगे।

और आपका अपनी स्टॉक मार्केट की नॉलेज में कॉन्फिडेन्स ऑटोमैटिकली ग्रो होगा। तो इसीलिए आप स्टॉक के प्राइस पे नहीं और पैसों पे भी नहीं बल्कि अच्छी रिसर्च और नॉलेज पे फोकस करो। पैसा आपको फॉलो करेगा और तब आप एक स्टॉक ट्रेडर नहीं बल्कि एक बिज़नेस मैन और एक अच्छी इन्वेस्टर की तरह सोचोगे और फिर मार्केट के डेली फ्लक्चुएशन से आपको इतनी प्रॉब्लम होगी नहीं इन फैक्ट जब मार्केट नीचे जाएगा तो आपको और खुशी मिले गी। क्या आपको अपनी फेवरेट कंपनी अच्छे प्राइस पे बी करने मिल रही है? और फिर ऑटोमैटिकली आप एक सक्सेसफुल इन्वेस्टर बन जाओगे तो दोस्तों आज के Blog में इतना ही उम्मीद करता हूँ कि आपको इस Blog से कुछ ना कुछ सीखने जरूर मिला होगा।

आप लोग मुझे नीचे कमेंट करके बताओ की मैं कौन से टॉपिक पे फ्यूचर Blog Post बनाऊं। अपना फ्री में डीमैट अकाउंट ओपन करने के लिए नीचे डिस्क्रिप्शन में इस Blog Post को शेयर करो अपने फ्रेंड्स और फैमिली मेंबर के साथ ताकि उनको भी पता चले की ऐक्चुअली इन्वेस्टिंग क्या होती है। Blog Post पसंद आया तो उसे लाइक करो नहीं पसंद आया तो डिस्लाइक करो। आपका वैल्युएबल टाइम देने के लिए थैंक यू ऐंड गुड बाइ.

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